- CSR के तहत 6 टिंकरिंग लैब्स स्थापित कर भारत के अगले पीढ़ी के नवोन्मेषकों को प्रोत्साहन
नई दिल्ली। युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन ब्रांड realme ने आज iHub AWaDH (एग्रीकल्चर एंड वाटर टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट हब, जो IIT रोपड़, रूपनगर, पंजाब में स्थित है) के साथ एक महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) साझेदारी की घोषणा की। इस साझेदारी के तहत भारत भर के चयनित स्कूलों में छह अत्याधुनिक टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जाएंगी। यह पहल realme इंडिया की शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है, साथ ही अगली पीढ़ी के भारतीय नवोन्मेषकों में नवाचार और वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करेगी।
इस कार्यक्रम के तहत realme भारत के विभिन्न स्कूलों में 6 अत्याधुनिक टिंकरिंग लैब्स की स्थापना में सहयोग करेगा, जिन्हें iHub AWaDH द्वारा संरचित मेंटरशिप और तकनीकी विशेषज्ञता का समर्थन प्राप्त होगा। नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन से प्रेरित होकर, ये लैब्स समर्पित इनोवेशन हब के रूप में कार्य करेंगी, जिनका उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता, समस्या-समाधान और डिजाइन थिंकिंग को बढ़ावा देना है।
IoT, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और साइबर-फिजिकल सिस्टम (CPS) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करके, यह कार्यक्रम छात्रों को वास्तविक जीवन के तकनीकी सिस्टम्स को समझने के लिए प्रेरित करेगा और डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार, नवाचार-प्रेरित कार्यबल के निर्माण में योगदान देगा।
realme इंडिया के CMO, फ्रांसिस वोंग ने कहा, “realme इंडिया में हम तकनीक को केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली बदलाव लाने वाला और सृजनकर्ता मानते हैं, जो भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) के उद्देश्यों के अनुरूप, iHub AWaDH के साथ हमारी यह साझेदारी टिंकरिंग लैब्स स्थापित करने के माध्यम से समावेशिता को बढ़ावा देने और युवाओं के मन में जिज्ञासा व रचनात्मकता को विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस पहल के जरिए हम स्कूली छात्रों को IoT, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों को समझने और उनके साथ काम करने के व्यावहारिक अवसर प्रदान करना चाहते हैं। हमारा मानना है कि प्रारंभिक स्तर पर नवाचार की इस भावना को प्रज्वलित करना अगली पीढ़ी के विचारकों, समस्या-समाधानकर्ताओं और तकनीकी नेताओं को सशक्त बनाएगा, जो भविष्य के भारत को आकार देंगे।”
iHub-AWaDH की CEO, डॉ. राधिका त्रिखा ने कहा, “भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी में से एक है, फिर भी देश को तकनीकी कौशल की कमी जैसी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल लगभग 42–56% स्नातक ही रोजगार के योग्य माने जाते हैं, जबकि केवल हर पाँच में से एक युवा को ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टूल्स जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है। यह शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच एक बड़ा अंतर दर्शाता है।
iHub-AWaDH और realme के बीच इस सहयोग के माध्यम से, हम इस अंतर को कम करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके तहत स्कूलों में टिंकरिंग लैब्स से लेकर उन्नत तकनीकी कौशल केंद्रों तक एक संरचित मार्ग तैयार किया जाएगा, जिससे युवा शिक्षार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक्स, नवाचार और डिवाइस तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिल सके। हमारा उद्देश्य छात्रों और युवाओं को ऐसे व्यावहारिक, उद्योग-संबंधित कौशलों से सशक्त बनाना है, जो उनकी रोजगार क्षमता, उद्यमिता और भारत की भविष्य की तकनीकी कार्यबल को मजबूत करें।