पेस्टल वीड स्कूल के निदेशक ने जान-माल की सुरक्षा के लिए तत्काल पुलिस संरक्षण की मांग की

लगातार धमकियों, डराने-धमकाने और मानहानि का लगाया आरोप
देहरादून। पेस्टल वीड स्कूल, देहरादून के निदेशक शरद कश्यप ने अपनी जान-माल की स्रक्षा से जुड़ी हालिया घटनाओं को सार्वजनिक करने तथा अपने विरुद्ध प्रकाशित मानहानिकारक सार्वजनिक बयानों का उत्तर देने के लिए यह प्रेस वार्ता आयोजित की है।
शरद कश्यप का कहना है कि उन्हें अपने जीवन एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति वास्तविक और गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। उनका आगे कहना है कि उनके पिता प्रेम कश्यप, उनकी माता किरण कश्यप तथा उनके भाई आकाश कश्यप द्वारा उन पर बार-बार दबाव डाला गया कि वे Kashyap Edutech Private Limited में अपनी 32 प्रतिशत शेयरधारिता तथा अपने नाम पर दर्ज मूल्यवान भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों को उनके वास्तविक मूल्य से बहुत कम कीमत पर हस्तांतरित कर दें तथा देहरादून छोड़ दें।
पुलिस को प्रस्तुत लिखित शिकायतों के अनुसारः ओक हिल एस्टेट, मसूरी डायवर्जन रोड स्थित उनके निवास पर निजी बाउंसरों एवं हथियारबंद सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया, जिन्होंने कश्यप के अनुसार उन्हें उनके ही घर में प्रवेश करने से रोका तथा उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया।
उनके कमरे में कथित रूप से तोड़फोड़ की गई तथा उनके बाथरूम की दीवार को हथौड़े से तोड़ दिया गया। इस उत्पीड़न एवं नुकसान के वीडियो उपलब्ध हैं। उनके निवास की पानी एवं बिजली की आपूर्ति कथित रूप से काट दी गई। परिस्थितियाँ इतनी गंभीर हो गई कि कश्यप को 112 इमरजेंसी फ्लाइंग स्क्वाड को बुलाना पड़ा, जिसने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
3 जून 2026 तथा 8 जून 2026 को प्राथमिकी दर्ज करने हेतु दो लिखित शिकायतें राजपुर थाना, देहरादून में दी गई, जिन्हें पुलिस द्वारा विधिवत प्राप्त किया गया है।
शरद कश्यप का यह भी कहना है कि प्रेम कश्यप एवं किरण कश्यप द्वारा समाचार पत्रों में प्रकाशित सार्वजनिक विज्ञापनों में उनके चरित्र एवं आचरण के संबंध में झूठे एवं मानहानिकारक आरोप लगाए गए हैं। इन विज्ञापनों से उनकी व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुँची है। इन मानहानिकारक प्रकाशनों के विरुद्ध उन्हें विधिक नोटिस भेजा जा चुका है।
शरद कश्यप का वक्तव्य “आज मैं इस विषय को सार्वजनिक करने के लिए केवल तीन कारणों से आपके सामने आया हूँ-मेरी सुरक्षा, मेरे विरुद्ध किए गए मानहानिकारक आरोप, तथा मेरे साथ लगातार हो रही डराने-धमकाने की घटनाएँ। मुझे भारत के संविधान, न्यायपालिका तथा पुलिस पर पूर्ण विश्वास है। जब मैंने सहायता माँगी, तब प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई कार्रवाई के प्रति मैं अपना आभार व्यक्त करता हूँ। मैं केवल वही माँग रहा हूँ जिसका अधिकार इस देश के प्रत्येक नागरिक को है- जीवन की सुरक्षा तथा कानून के समक्ष समान संरक्षण।
हाल के समय में देहरादून में संपत्ति विवादों के कारण हुई जानलेवा घटनाओं ने मेरी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर मेरी चिंता और बढ़ा दी है। मैं नहीं चाहता कि मेरी तस्वीर भी किसी दिन अखबार की सुर्खी बने या मैं भी देहरादून में संपत्ति विवादों से जुड़ी मौतों का एक और आँकड़ा बन जाऊं। मैं संबंधित अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूँ कि वे मुझे निरंतर सुरक्षा प्रदान करें तथा कानून के शासन को सुनिश्चित करें।

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