उत्तराखंड के चमोली में जोशीमठ का आज दौरा करेगी केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम, गिराए जाएंगे खतरनाक घर

 केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक टीम मंगलवार को उत्तराखंड के चमोली में जोशीमठ का दौरा करेगी, जहां भूस्खलन हुआ है। जिला मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय की एक टीम यहां आई थी और केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक टीम मंगलवार को जोशीमठ का दौरा करेगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार से केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) रुड़की की टीम की देखरेख में कल से भवनों को गिराने का काम शुरू किया जाएगा।

इमारत गिराने वाले जगह को कराया जा रहा खाली

जिला मजिस्ट्रेट खुराना ने बताया कि जिन इलाकों में इमारतें गिराई जाएंगी, उन्हें प्रशासन ने असुरक्षित जोन घोषित कर खाली करा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, एसडीआरएफ कर्मियों की मदद से लोगों के सामान को दूसरे जगह पर स्थानांतरित किया जा रहा है। लोग अपने घरों को खाली करते हुए बहुत दुखी और भावुक हो रहे हैं। इस बीच जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चमोली ने जोशीमठ इलाके में हो रहे भूस्खलन को देखते हुए आपदा प्रबंधन से संबंधित बुलेटिन जारी किया है। बुलेटिन के मुताबिक, जोशीमठ टाउन इलाके में कुल 678 इमारतों में दरारें पड़ गई हैं। सुरक्षा कारणों से अब तक कुल 81 परिवारों को अस्थाई रूप से विस्थापित किया गया है।

प्रशासन कर रहा सहयोग

बुलेटिन के मुताबिक, जोशीमठ नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 213 कमरों को अस्थाई रूप से रहने योग्य चिन्हित किया गया है, जिनकी क्षमता 1191 आंकी गई है। इसके साथ ही जोशीमठ क्षेत्र के बाहर पीपलकोटी में 491 कमरे/हॉल चिन्हित किए गए हैं, जिनकी क्षमता 2,205 है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को उनकी जरूरत के हिसाब से भोजन किट और कंबल भी वितरित किया है। प्रशासन ने आवश्यक घरेलू सामानों के लिए प्रति परिवार पांच हजार रुपये की धनराशि भी वितरित किया है।

आपदा प्रभावितों से मिलने पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को झेलना पड़ा विरोध

आपदाग्रस्त क्षेत्र सिंहधार पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को प्रभावितों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रशासन के रवैये से नाराज प्रभावितों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की। साथ ही बदरीनाथ धाम की तर्ज पर मुआवजा देने की भी मांग की। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन प्रभावित शांत नहीं हुए। इसके बाद महेंद्र भट्ट नृसिंह मंदिर क्षेत्र से ही वापस लौट गए।

कांग्रेस नेताओं ने देखा आपदा की जमीनी हकीकत

आपदा प्रभावितों का धरना दिनभर तहसील में चलता रहा। आपदा प्रभावितों के धरने में शामिल होने के लिए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा सहित अन्य ने यहां पहुंचकर प्रभावितों की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने की बात कही। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ नगर में पीडितों से मुलाकात की।उन्होंने कहा कि मानवीय भूल से सीमा पर बसे ऐतिहासिक-सांस्कृतिक धार्मिक- पर्यटक नगर जोशी का अस्तित्व खत्म हो रहा है। अभी भी सरकार को सामरिक महत्व के इस नगर की बरबादी के वास्तविक कारणों को खोज कर इस शहर के जितने हिस्से का स्थायीकरण कर इसे बचाया जा सकता है। यशपाल आर्य ने कहा कि संघर्ष समिति सरकार से एनटीपीसी और हेलग-मारवाडी बाईपास के निर्माण पर पूर्ण रोक लगाने की मांग कर रही थी। अगर समय रहते इन न्यायोचित मांगों पर विचार हो जाता तो इतना नुकसान नहीं होता। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब आपदा की इसमें हम सब मिलकर प्रयास करने चाहिए।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कांग्रेस नेताओं ने एक होटल में प्रेस कांफ्रेस कर सरकार पर देरी से जागने का आरोप लगाया । इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, बदरीनाथ के विधायक राजेंद्र भंडारी सहित अन्य नेता भी मौजूद थे।

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