परीक्षा में गड़बड़ी मामले में कार्रवाई, UKSSSC के पूर्व अध्यक्ष सहित 6 के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

वर्ष 2016 में हुई ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा में गड़बड़ी मामले में गिरफ्तार उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक सहित छह के खिलाफ एसआइटी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।

तीन अन्य आरोपितों में आरएमएस टेक्नो साल्यूशंस के मालिक राजेश चौहान, संजीव चौहान और विपिन बिहारी शामिल हैं। वहीं तीन आरोपित मुकेश शर्मा, मुकेश कुमार और राजेश पाल के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

इस मामले में तीन अन्य आरोपित हाकम सिंह, चंदन सिंह मनराल और केंद्रपाल के विरुद्ध अभी चार्जशीट दाखिल की जानी है। एसआइटी की ओर से इस मामले में अब तक 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रकरण की जांच अभी जारी है।

उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि भर्ती परीक्षा में हुई धांधली में एसटीएफ ने यूकेएसएसएससी के पूर्व अध्यक्ष डा. आरबीएस रावत, पूर्व सचिव मनोहर सिंह कन्याल व पूर्व परीक्षा नियंत्रक राजेंद्र सिंह पोखरिया को आठ अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। तीनों आरोपित अभी जेल में हैं।

वर्ष 2019 में विजिलेंस को दिए गए थे खुली जांच के आदेश

सात वर्ष पहले कांग्रेस की हरीश रावत सरकार में हुई वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोप लगे। इसके बाद वर्ष-2017 में राज्य में चुनकर आई भाजपा सरकार ने इस परीक्षा का परिणाम निरस्त कर दिया। वर्ष-2019 में सरकार ने विजिलेंस को इस मामले में खुली जांच के आदेश दिए।

जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर विजिलेंस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी। वर्ष 2022 में यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा में धांधली की बात सामने आई तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोग की भर्तियों से जुड़े सभी मामलों की जांच एसटीएफ को सौंप दी।

जांच के बाद एसटीएफ ने सेवा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष डा. रघुबीर सिंह रावत और तत्कालीन सचिव मनोहर सिंह कन्याल (वर्तमान में संयुक्त सचिव लेखा सचिवालय) समेत पूर्व परीक्षा नियंत्रक राजेंद्र सिंह पोखरिया को गिरफ्तार कर लिया।

कुछ ओएमआर शीट में मिली छेड़छाड़

जांच में सामने आया कि परीक्षा की कुछ ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की गई है। इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच में भी भी हुई। हाईकोर्ट ने एक दिसंबर 2017 को वीपीडीओ भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दोबारा से लिखित परीक्षा कराने के आदेश दिए थे। आयोग ने 25 फरवरी 2018 को दूसरी बार परीक्षा कराई। पूर्व परीक्षा में चयनित हुए 196 अभ्यर्थियों में से दूसरी बार हुई परीक्षा में केवल आठ का ही चयन हुआ।

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