गुरुकुल कांगड़ी सम विवि में चला आ रहा विवाद और गहराया, कुलाधिपति सत्यपाल सिंह को पदमुक्त करने का आदेश

गुरुकुल कांगड़ी समविवि में कुलपति को लेकर चली आ रही रार में रविवार को नया मोड़ आ गया।

प्रो. रूपकिशोर शास्त्री कुलपति पद से बर्खास्त करने वाले कुलाधिपति डा. सत्यपाल सिंह को तीनों आर्य प्रतिनिधि सभाओं ने संस्था विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से उन्हें पदमुक्त करने का आदेश दिया है। इससे यह विवाद और गरमा गया है। हालांकि कुलसचिव डा. सुनील कुमार ने ऐसा कोई आदेश प्राप्त होने से इन्कार किया है।

कुलपति के तौर पर प्रो. रूप किशोर शास्त्री ने विवि के स्थायी कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार को 22 अक्टूबर को कार्यमुक्त कर प्रो. पंकज मदान को कुलसचिव का अतिरिक्त पदभार दे दिया था। इससे विवि में घमासान मचा था। आंदोलन की आहट पर विवि में दो दिन का अवकाश घोषित करते हुए एहतियान पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।

इस पर विवि के कुलाधिपति डा. सत्यपाल सिंह ने एकतरफा कार्यमुक्त किए जाने के आदेश पर रोक लगा दी थी। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए 29 अक्टूबर को कुलपति प्रो. रूप किशोर शास्त्री को निलंबित कर दिया था। कुलाधिपति के आदेश पर विवि के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने विवि के सीनियर प्रो. डा. सोमदेव शतांशु को कार्यवाहक कुलपति का पदभार सौंप दिया था।

इधर, कुलाधिपति ने कुलपति पर लगे प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच को विवि अनुदान आयोग को पत्र लिखा था, जिस पर यूजीसी की टीम ने विवि पहुंचकर आरोपों की जांच पड़ताल की थी। इधर, आर्य प्रतिनिधि सभाओं ने निलंबित कुलपति प्रो. रूप किशोर शास्त्री को बहाल करने का पत्र जारी किया।

इधर, यूजीसी जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने गत शुक्रवार को विवि के कुलाधिपति डा. सत्यपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कुलपति प्रो. रूप किशोर शास्त्री को बर्खास्त करने के निर्देश जारी किए। इसके अनुपालन में गत शनिवार को कुलाधिपति डा. सत्यपाल सिंह ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था। साथ ही तत्काल प्रभाव से कुलपति आवास खाली करने के आदेश भी जारी किए थे, जिस पर उन्होंने आवास खाली कर दिया।

हालांकि वह आवास खाली करने के लिए कुछ दिन का समय मांग रहे थे। रविवार को इस प्रकरण में नया मोड़ आ गया।

आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब के प्रधान सुदर्शन शर्मा, आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रधान राधाकृष्ण आर्य और दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान धर्मपाल आर्य ने अपने हस्ताक्षर से लिखित आदेश जारी कर कुलाधिपति डा. सत्यपाल सिंह को ही संस्था विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने और विवि में प्रशासनिक शक्तियों के दुरूपयोग के आरोप में पदमुक्त कर दिया।

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