उत्तराखंड में दो जनवरी तक 24 घंटे खुलेंगे सिर्फ बार, शराब की दुकानों और ठेकों को नहीं छूट

नववर्ष मनाने आ रहे पर्यटकों की सुविधा के लिए शराब की दुकानें और ठेके 24 घंटे खोलने के आदेश को लेकर सवाल उठ गए हैं। विवाद बढ़ने पर आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया कि दो जनवरी तक 24 घंटे सिर्फ बार खोले जा सकेंगे।

शराब की दुकानें और ठेकों को खुलने और बंद होने का समय पूर्व निर्धारित ही रहेगा। सचिव आबकारी हरिचंद्र सेमवाल ने कहा, पर्यटन विभाग ने नववर्ष मनाने आ रहे पर्यटकों की सुविधा के लिए दो जनवरी तक होटल, रेस्टोरेंट, चाय की दुकानें और ढाबे 24 घंटे खोलने का फैसला किया।

इसी क्रम में आबकारी विभाग ने भी आदेश जारी किए थे। इसके तहत दो जनवरी तक प्रदेश में स्थित बार लाइसेंसधारियों को भी 24 घंटे बार खुले रखने की छूट दी गई है। स्पष्ट किया कि इसके अलावा राज्य में स्थित देसी, विदेशी और बीयर की सभी फुटकर दुकानों की समय अवधि आबकारी नीति के अनुसार होगी। यानी शराब की दुकानें और ठेके 24 घंटे नहीं खोले जा सकेंगे।

हरीश का तंज, 12 घंटे अस्पतालों में डॉक्टर ही मुहैया करा दो

पर्यटकों की सुविधा के लिए होटल, रेस्टोरेंट और बार 24 घंटे खोलने के आदेश को लेकर सियासत भी गरमा गई है। विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए। भाजपा ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया। पूर्व सीएम हरीश रावत ने तंज कसा, काश! सरकार शराब की दुकानें 24 घंटे खुलवाने के बजाय सरकारी अस्पतालों में 12 घंटे डॉक्टर ही उपलब्ध करा देती। रावत ने फेसबुक पर लिखा, उत्तराखंड में 24 घंटे शराब की दुकानें खुली रहेंगी। नए साल के साथ दो जनवरी तक जो जिस समय चाहे, शराब ले ले। एक ओर आप कोरोना के नाम पर हमारी भारत जोड़ो यात्रा पर अंगुली उठाते हैं। वहीं, शराब की दुकानें 24 घंटे खुला रखना आपके लिए विकास का शगल बन जाता है। धन्य हैं। काश! नए साल के उपलक्ष्य में चौबीसों घंटा दारू उपलब्ध करवाने वाली सरकार सरकारी अस्पताल में 12 घंटे डॉक्टर भी मुहैया करवा देती। तंज किया, इसे कहते हैं खेती-बाड़ी चौपट, लहसुन की क्यारी में जोर।

भाजपा बोली, कांग्रेस नेताओं को आदेश की अधूरी जानकारी
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विपिन कैंथोला ने कांग्रेस नेताओं के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने आदेश की तस्दीक किए बिना ही मनगढ़ंत बयान जारी कर दिया। कांग्रेस के सभी नेताओं को झूठ और भ्रामक प्रचार करने की आदत सी हो गई है। कुछ समय पूर्व भी कांग्रेस नेता रावत ने फर्जी सूचना अपनी फेसबुक पर डाली, फिर हटा दिया और लिखा कि तथ्यों के साथ फिर आऊंगा। वह आज तक वापस नहीं आए। आबकारी अधिनियम की एफएल 6 व सात और एफएल पांच को यदि कांग्रेस नेता पढ़ लेते तो शायद ऐसे बयान नहीं देते। एफएल 6 व सात बार, क्लब और होटल के लिए, जबकि अन्य को पूर्व की भांति समयावधि में खोलने और बंद करने के आदेश पूर्ववत हैं।

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