राष्ट्रपति ने छात्र-छात्राओं को दी डिग्री, कहा- मातृभूमि, मातृभाषा और मां का करें सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को उत्तराखंड प्रवास के दूसरे दिन सुबह राजभवन स्थित राज प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के साथ रुद्राभिषेक किया। राष्ट्रपति ने राजभवन स्थित नक्षत्र वाटिका का उद्धाटन किया। इस दौरान राज्यपाल लेफ़्टिनेंट जरनल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं प्रथम महिला गुरमीत कौर समेत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे।

वहीं,  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 36 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए कहा कि छात्र मातृभूमि, मातृभाषा और मां का सम्मान करें। इनका सम्मान न हुआ तो हमारी पहचान खो जाएगी।

समारोह में वर्ष 2021 के स्नातक, परास्नातक एवं पीएचडी के 669 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई। राष्ट्रपति ने कहा कि मैं खुश हूं कि दून विवि में किताबी भाषा के साथ स्थानीय लोक भाषाओं गढ़वाली, कुमाऊंनी एवं जौनसारी को सिखाया जाता है। कहा कि इस दिन की स्मृति इन विद्यार्थियों के जीवन-यात्रा के सबसे यादगार अनुभव में से एक रहेगी। आज इन विद्यार्थियों का एक सपना साकार हो रहा है।

यहां के संस्थानों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
राष्ट्रपति ने कहा कि यहां राष्ट्रीय स्तर के कई संस्थान भारतीय सैन्य अकादमी, भारतीय वन्य जीव संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय पेट्रोलियम अनुसंधान संस्थान एवं गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान है।

शिक्षा ही पूरे राष्ट्र में ला सकती है बदलाव  

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो पूरे राष्ट्र में बदलाव ला सकती है। शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि छात्र तकनीकी कौशल से और अधिक सम्पन्न हों और खुद रोजगार की तलाश करने के बजाए दूसरों को रोजगार उपलब्ध करवाएं।

विद्यार्थी ज्ञान और विद्या के शिक्षार्थी बनें : राज्यपाल 
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि डिग्री हासिल करने का यह अर्थ नहीं कि हमारी सीखने एवं ज्ञान अर्जन की प्रक्रिया पूरी हो गई। विद्यार्थी पूरे जीवन ज्ञान और विद्या के शिक्षार्थी बने रहें। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महिला सशक्तीकरण की भी प्रेरणादाई मिसाल है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में पांच लाख से अधिक विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिसमें से 65 प्रतिशत बालिकाएं हैं।

ये रहे मौजूद
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, वैज्ञानिक पद्मविभूषण डॉ. के. कस्तूरीरंगन,  कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, पद्मश्री बसंती बिष्ट, प्रसिद्ध जागर गायिका, पद्मश्री नीरजा गोयल, पद्मश्री शीतल आदि।

उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दून विश्वविद्यालय में उत्तराखंड के विभिन्न स्थानीय उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान उनकी भाषा-बोली एवं स्थानीय उत्पादों से होती है, इनको बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने पद्मश्री बसंती बिष्ट एवं माधुरी बड़थ्वाल को लोक गायन एवं लोक संगीत के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की।

राष्ट्रपति ने मसूरी में विभिन्न कार्यक्रमों में की शिरकत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आज (शुक्रवार को) लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी के दौरे पहुंची। यहां अकादमी में पुलिस सहित तमाम सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर गए थे। एलबीएस अकादमी के 97वें फाउंडेशन कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों को राष्ट्रपति ने संबोधित किया। सुबह करीब नौ बजे राष्ट्रपति एलबीएस अकादमी के हेलीपैड पोलोग्राउंड में पहुंची।

अकादमी पहुंचने पर राष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और शहीद स्मारक पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित की। साथ ही पोलोग्राउंड स्पोर्ट्स फेसिलिटी को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके अलावा पर्वतमाला हिमालयन और नॉर्थ ईस्ट आउटडोर लर्निंग एरिना की आधारशिला सहित कई अन्य कार्यक्रमों में शिरकत की। इस दौरान राष्ट्रपति अकादमी में पुरस्कार वितरण भी किया।

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