देहरादून-हरिद्वार के 70 उद्योगों पर लीज खत्म करने की चेतावनी, सिडकुल ने उद्योगों से पूछी-बंदी की वजह

कोरोना काल में आर्थिक संकट में फंसे उद्योगों पर अब बंदी का खतरा मंडरा गया है। हरिद्वार और देहरादून सिडकुल में कोरोना काल से बंद चल रहे 70 उद्योगों को नोटिस जारी किया गया है। उद्योग बंद की वजह पर एक माह के भीतर जवाब मांगा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक न हुआ तो उनकी लीज खत्म कर दी जाएगी। इनमें 52 उद्योग हरिद्वार के हैं।

हरिद्वार में कोरोनाकाल के दौरान बड़ी और मध्यम वर्ग की पचास से अधिक कंपनियों में उत्पादन क्षमता कम होने के कारण काम बंद हो गया था। तब से अब तक इन कंपनियों ने न तो अपने प्लांट रीसेल किए और न ही उनमें उत्पादन शुरू किया। इन बंद पड़े प्लांटों को प्रयोग में लाने के लिए सिडकुल प्रशासन ने कैंसिलेशन नोटिस जारी किए हैं।

निर्धारित समय के अंदर नोटिस का जवाब नहीं मिलता है तो बंद  पड़े प्लांट को लेकर सिडकुल की ओर से कैंसिलेशन की कार्रवाई         की जाएगी। सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक गिरधर सिंह रावत ने बताया कि शासन में हुई बैठक के बाद सचिव के आदेश पर कोरोनाकाल से बंद पड़े मैन्युफैक्चर प्लांट मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

देहरादून में सिडकुल के महाप्रबंधक पीसी दुम्का ने बताया कि 18 उद्योगों को नोटिस जारी कर उनसे बंदी की वजह से पूछी गई है।उनका जवाब आने के बाद ही आगे निर्णय किया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार की  नीति उद्योगों को प्रोत्साहित करने  की है।

सरकार उद्यमियों का पक्ष सुने
बहादराबाद डेवलपमेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष साधुराम सैनी का कहना है कि बंद पड़ी कंपनियों के कारण नए उद्योगों को जमीन नहीं मिल रही है। वहीं, सिडकुल मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र गर्ग का कहना है कि कोरोनाकाल में जिस प्रकार उद्यमियों को नुकसान हुआ है उसको देखते हुए उद्योगों को नोटिस जारी करने से पहले सरकार को उनका पक्ष सुनकर प्रभावित उद्योगों को दो साल का एक्सटेंशन देना चाहिए।

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